शहद का छत्ता लेकर गली- गली बेच रहे शख्स ने कोठी वाली पढ़ी लिखी- औरतों को नकली शहद Honey🍯बेचकर लगाया लाखों का चूना:-

मात्र ₹500 में प्रति किलो सस्ती से सस्ती शहद 🍯 बेच रहा था शख्स :-

 

शहद का छत्ता लेकर गली- गली बेच रहे शख्स ने कोठी वाली पढ़ी लिखी- औरतों को नकली शहद Honey🍯बेचकर लगाया लाखों का चूना:-आपने अक्सर देखा होगा कि प्राया अनपढ़ या कम पढ़े लिखे लोग अक्सर धोखाधड़ी या फिर सस्ती चीजों के चक्कर में अपना बड़ा नुकसान कर बैठते हैं और कई बार तो कुछ लोगों को तो ठग लोग बड़ा चूना लगा जाते हैं। लेकिन सबसे हैरानी वाली बात तो तब होती है जब पढ़े -लिखे लोग और वह भी दिल्ली, के जोकि पढ़े लिखे और बेहद चालाक होते हैं ,लेकिन ठग लोग उनको भी ऐसा ठग जाते हैं कि उनको अपनी ठगी का एहसास एक-दो दिन बाद नहीं बल्कि महीनों बाद उनको पूरी तरह से यह मालूम पड़ता है कि वह पूरी तरह से ठगे जा चुके हैं। घटना दिल्ली की है जहां पर लेखक ने स्वयं अपनी आंखों के सामने एक ऐसी वारदात को देखा और उसका परिणाम निकलते निकलते महीने के बाद पता चला कि, शातिर ठगी लोग कितनी चालाकी से कोठी की पढ़ी-लिखी लड़कियां और औरतों से लेकर बड़े-बड़े मालिकों तक को ऐसा चूना लगा जाते हैं कि उनको एक दो दिन बाद नहीं बल्कि महीनों के बाद जब यह पता चलता है कि उनको असली सामान के बदले नकली सामान मिल गया है, तो वह अपना माथा ठोक कर रह जाते हैं और अपने आप को

( ठगा सा महसूस करते) रह जाते हैं।

 

हुआ यूं कि एक दिन जब लेखक दिल्ली के ही कोठियों से गुजरने वाली सड़कों के चौराहे और बगल में बनी हुई कोठियो के कोने में भीड़ भाड़ देखा तो वह भी वहां पर पहुंच गए, वहां पर एक शख्स मात्र ₹500 किलो में असली शहद वह भी टेस्ट करा कर लोगों को अपने स्केल तराजू से तोल कर दे रहा था, वही पास से एक महाशय अपनी अपाचे गाड़ी से अपनी मैडम को बिठाकर जा रहे थे उन्होंने भीड़ देखी तो वह भी वहीं रुक गए फिर क्या था उन्होंने भी शहद चखा और उन्हें इतनी सस्ती दर पर प्योर शुद्ध शहद देखकर और उस शख्स की बातों पर विश्वास करके उन्होंने 4 किलो शहद उस शख्स से खरीद लिया फिर क्या था देखते-देखते दूसरे कोठी की औरतों और पढ़े-लिखे बड़े दिमागदार मालिकों ने भी बड़ी मात्रा में किसी ने 2 किलो किसी ने 4 किलो तो किसी ने 5 किलो किसी ने 10 किलो शहद उस शख्स से खरीद लिया , देखते ही देखते शहद के बाल्टी टब में रखे हुए शहद के छत्तों मैं से शख्स ने निचोड़ निचोड़ कर सभी को सारा शहर बेच दिया

वहीं पर खड़े हुए लेखक यह सब देख रहा था और आखिर में जब सब लोग शहद खरीद कर चले गए तो उस शख्स के पास थोड़ी सी मात्रा में शहद बचा हुआ था, उस शख्स ने लेखक से भी बोला कि आप को मैं सस्ते में लगा दूंगा थोड़ी सी ही Honey शहद बची है ले लो, फिर क्या था लेखक ने भी थोड़ी मात्रा में शहद को टेस्ट करने के लिए उस व्यक्ति से शहद ले लिया और जब घर लाया तो उसको कई तरह से जांचा परखा, लेखक को पहले से ही शक था और यह शक धीरे-धीरे तब और बढ़ता गया जब शहद का कलर और उसमें भूली हुई चीनी का मिश्रण दोनों अलग होते हुए पूरी तरह से अपनी रूपरेखा बंद हुए कांच की शीशी में कुछ समय बाद खुद-ब-खुद अपनी हकीकत बयां करने लगे। ऐसा सब कुछ देख कर लेखक खुद भी बेहद आश्चर्य हुआ और उन कोठी वाली औरतों और बड़े-बड़े मालिकों द्वारा खरीदे गए 5 किलो 10 किलो वाले शहद Honey पर चिंतन करके सोचने लगा कि उनका क्या हाल हुआ होगा l

वह पूरा का पूरा शहद पूरी तरह से नकली था और उसमें कई प्रकार के केमिकल रसायन का प्रयोग करके उसको शहद का रूप दिया गया था l  आज भी उस शहद बेचने वाले शख्स की तरह ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों में तरह-तरह के नकली सामान बेचने वाले घूम रहे हैं लेखक का उन सभी पाठकों से अनुरोध है कि वह सब इस तरह की होने वाली ठगी से बचने के लिए इस तरह की जानकारी अपने दोस्तों और सगे संबंधियों तक जरूर पहुंचाएं जिससे कि आने वाले समय में ठगी के शिकार होने से वह भी बच सके।

 

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